फिर भी कल जीने की, आस रहने दो

अहसासों को ,अहसास रहने दो । जिंदगी को जीने की ,आस रहने दो ॥   मत बुझने दो , चिरागे उमीदो को । जिंदगी को जीने की ,प्यास रहे दो ॥   जिंदा है तेरे वायदो पै ,हे ज़िन्दगानी । कुछ तो पूरे होने की ,आस रहने दो ॥   रोज अलविदा  कहती है, जिंदगी

उनका भी तो तू ही है खुदा, हे मेरे खुदा

बिखेर देते है , वो आशियाना तिनको की तरह  ।   अपने अहम् की खातिर  ॥ माकूल नहीं रहे, वो बन्दे हे खुदा । जिन्हे पूजा गया तेरी तरहा ॥   हे मौत मत लेना अपनी आगोश में । दोजक मत  बना देना  ये आशियाना ॥ कोन होता हूँ  यह कहने वाला ,हे खुदा। उनका भी

थोड़ा सा तो मुस्कराइये

जिन्दगी बहुत खूबसूरत है । थोड़ा सा तो मुस्कराइये   ॥   छोड़ दो अश्क़ बहाना, अब अधेरो में । जिन्दगी की धूप में ,अब खिलखिलाइये  ॥   सुख दुःख ये सब अनुभूति है मन की बस थोड़ा सा इस मन को बहलाइये  ॥   मिल जायेगे, जो बिसर गए राह में । बस इस राह

इन्सा हु , भगवान नहीं

  हो   गई  होगी , भूल  कोई । इन्सा  हु ,  भगवान  नहीं ॥ बीच राह में,  साथ छोड़ दू । ऐसा   में,    इंसान    नहीं  ॥   उलझे है, जो अपने रिश्ते। हम ही   तो ,  सुलझा पायेगे ॥ राह दिखलायगे, सभी  चलने की । पर साथ तो हम ही चल पायेगे ॥  

जिंदगी एक प्रश्न पत्र है

जिंदगी एक प्रश्न पत्र है । रोज    हल    कीजिये  ॥   सभी प्रश्नो के उत्तर अनिवार्य है । थोड़ी समझ बूझ से काम लीजिये  ॥   परीक्षक भी तुम हो परीक्षार्थी भी तुम हो। जरा ईमानदारी से हल  कीजिए  ॥   उतर पहले भी दिये लोगो  ने । पर तुम नये उत्तर खोज लीजिए ॥