सुनीरा का मौजी

      सुनीरा के घर साँझ से जमघट लगा था। पच्चीस बरस बाद मौजी आया था।   सोमा  काकी  भड़की हुई थी।   क्यूँ  रे, अब क्या देखने आया है।   बिटिया व्याह के घर चली गई थी, बेटा सरकारी नौकर हो चुका था, एक युग बीत चुका था।   तभी  मास्टर जी ने

 ”वो फिर कभी नहीं मिलेंगी ”

                                         वो फिर कभी नहीं मिलेंगी‘   सामने वाले ऑटो के पीछे लिखा था। ऑटो तो आगे बढ़ गया मगर मैं पीछे चला आया। अमिताभ बच्चन सुपर स्टार थे  और आगरा के नन्द टॉकीज़ मे रियायती