#मशक्कतों_ से  साहिल _पे आए  है#

मशक्कतों  से  साहिल  पे आए  है, दरकती   जमी  पे  पावं जमाए है, बुझ  जाते है  चिराग नरम हवाओं  में भी हमने  तो ,  तूफान मै दिये जलाये है I   आँखों के तारे,   अब   न्यारे  है, सहारे,          अब   किनारे    है, खफा है ,     वो   आज तो  क्या पर इस  जहान मे, वो  सबसे  प्यारे है