बहुत याद आता है बचपन सुहाना

वो  पैदल नंगे  पैर स्कूल जाना.

वो केथ तोडना, इमली बीन के लाना.

वो ताल  तलइयो में नहाना.

वो झर वेरी से वेर तोड़ना.

वो बाग से अमरुद चुराना.

              बहुत याद आता है बचपन सुहाना

वो पापा का घर  गांव आना

वो घी की खली बनी में मिठाई भर के लाना

वो गावं  मे  बच्चो को  बाँट  देना

वो इस पर मेरा फवक  कर रो जाना

               बहुत याद आता है बचपन सुहाना

 

सुधीर कुमार

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