इन्सा हु , भगवान नहीं

 

हो   गई  होगी , भूल  कोई ।

इन्सा  हु ,  भगवान  नहीं ॥

बीच राह में,  साथ छोड़ दू ।

ऐसा   में,    इंसान    नहीं  ॥

 

उलझे है, जो अपने रिश्ते।

हम ही   तो ,  सुलझा पायेगे ॥

राह दिखलायगे, सभी  चलने की ।

पर साथ तो हम ही चल पायेगे ॥

 

भाग जाऊ जिम्मेदारियो से ।

ऐसी तो मेरी पहचान नहीं ॥

न समझू में, रिश्तो को ।

इतना तो ,नादाँन नहीं ॥

 

हो   गई  होगी  भूल  कोई ।

इन्सा  हु  भगवान  नहीं ॥

सुधीर कुमार

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